सहकारी बैंक का चीफ मैनेजर गोदाम निर्माण कमीशन के लाखों रुपये के साथ एसीबी के शिकंजे में फंसा

सहकार भारत
जयपुर, 11 जनवरी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार देर शाम को आकस्मिक कार्यवाही में हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, हनुमानगढ़ के मुख्य प्रबंधक संजय शर्मा को 8 लाख 50 हजार की संदिग्ध नगद राशि सहित पकड़ा। एसीबी के अनुसार, यह राशि सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण की स्वीकृति की एवज में कमीशन के रूप में एकत्र की गयी है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी की हनुमानगढ़ इकाई को एक गोपनीय सूचना इस आशय की प्राप्त हुई कि संजय शर्मा, मुख्य प्रबंधक, केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड हनुमानगढ़ ग्राम सेवा सहकारी सहकारी समितियों में अन्न भंडारण योजना में गोदामों की स्वीकृति बाबत कमीशन की एवं अन्य रिश्वत की राशि इक_ा करके नोहर-रावतसर क्षेत्र से हनुमानगढ़ आ रहा है।
इस पर एसीबी जयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस-तृतीय राजेश सिंह के सुपरवीजन में एसीबी की हनुमानगढ़ इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन कुमार मीणा के नेतृत्व में सूचना का गोपनीय सत्यापन किया जाकर शुक्रवार को उप अधीक्षक पुलिस नरेश गेरा एवं पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र सिंह द्वारा मय टीम के आकस्मिक चैकिंग की कार्यवाही करते हुये संजय शर्मा को कोहला टोल प्लाजा पर रोककर 8 लाख 50 हजार रुपये की संदिग्ध नगद राशि के साथ पकड़ा है। उक्त राशि के सम्बंध में पूछे जाने पर आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिस पर उक्त संदिग्ध राशि कब्जा एसीबी ली गई। बताते हैं कि एसीबी की घेराबंदी देख, संजय शर्मा ने कार से उतर कर भागने की कोशिश की, लेकिन टोल नाका पर मौजूद लोगों की मदद से एसीबी ने उसे काबू कर लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ एवं कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
बैंक से जयपुर तक होती है बंदरबांट
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ग्राम सेवा सहकारी समितियों में शत-प्रतिशत अनुदान पर गोदाम निर्माण एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की स्थापना की जा रही है। राजस्थान में 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान एक हजार सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। यह कुल 10 लाख रुपये की योजना है, जिसके लिए सरकार 8 लाख रुपये अनुदान देती है। इसी प्रकार, 100 एमटी के गोदाम के लिए 12 लाख रुपये और 500 एमटी के गोदाम के लिए 25 लाख रुपये अनुदान समिति को मिलता है। इन योजनाओं को पास कराने के लिए केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारी औसतन 10 प्रतिशत कमीशन चार्ज करते हैं। इसके लिए ओवर बिलिंग की सुविधा दी जाती है, ताकि रिश्वत की राशि का समायोजन किया जा सके। कमीशन की इस राशि की बैंक के प्रधान कार्यालय से लेकर जयपुर में रजिस्ट्रार कार्यालय तक बंदरबांट होती है। इस साल सरकार ने, पुरानी समितियों में भी जीर्ण-शीर्ण गोदामों के स्थान पर नये गोदाम बनाने के लिए बजट में घोषणा की थी, जिसके लिए 12 लाख रुपये अनुदान दिया जा रहा है। सहकारी समितियों में नये व पुराने गोदाम निर्माण एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की स्वीकृति, सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय, जयपुर द्वारा जारी की जाती हैं। साल 2024 में सितम्बर माह से लेकर दिसम्बर माह के दौरान कई बार में 150 से अधिक गोदामों एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की स्वीकृति जारी की गयी थी।
हनुमानगढ़ की इन समितियों में मंजूर हुए हैं गोदाम
भादरा की ग्राम सेवा सहकारी समिति सरदारगढिय़ा, रावतसर क्षेत्र में माधूनगर, खोडा, 22 एजी, हरदासवाली, दासूवाली, नोहर क्षेत्र में कनवानी, दीपलाना, दलपतपुरा, ललाना, सोनड़ी और खुईया, पालीबंगा क्षेत्र में 4 एनआर, निहालपुरा, मानकथेड़ी एवं खरलिया में 500-500 एमटी के गोदाम स्वीकृत किये गये हैं। जबकि हनुमानगढ़ क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समिति मानुका और नोहर की जसाना में 100-100 एमटी का गोदाम मंजूर हुए हैं। इसके अलावा नोहर क्षेत्र की थालडक़ा ग्राम सेवा सहकारी समिति में कस्टम हायरिंग सेंटर की भी मंजूरी मिली है।

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