
सहकार भारत
बीकानेर, 5 जुलाई। अव्यवस्थाओं, असुविधाओं और प्रबंधकी बदइंतजामी की भेंट चढक़र, हर लिहाज से विफल साबित हुए स्पेक्ट्रमस्पोर्ट्स 2024 को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इन खेलों का आयोजन पहली बार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (अपेक्स बैंक), जयपुर की मेजबानी में 27 से 29 दिसम्बर, 2024 तक जयपुर में हुआ था। सहकारी बैंकों में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के तथाकथित उद्देश्य के साथ गठित गैर सहकारी संस्था -स्पेक्ट्रम (दि स्पोट्र्स एंड कल्चरल सोसाइटी ऑफ को-ऑपरेटिव बैंक्स इन राजस्थान), हमेशा की तरह इस आयोजन की सह-मेजबान थी।
अब सामने आया है कि स्पेक्ट्रम के कर्ताधर्ताओं ने आज तक स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 का हिसाब-किताब सार्वजनिक नहीं किया है जबकि नियमानुसार, आयोजन के खर्च की एक माह के भीतर ऑडिट करवाकर, इसका लेखा-जोखा सभी सदस्यों और एक-एक लाख रुपये का मोटा चंदा देने वाले केंद्रीय सहकारी बैंकों और अन्य सहकारी संस्थाओं को भेजा जाना था। स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024, जिसे स्पेक्ट्रम के इतिहास में बदइंतजामी के लिए लम्बे समय तक याद किया जायेगा, के लगभग सारे इवेंट स्पोंसर्ड थे। आवास व्यवस्था नि:शुल्क मिली थी।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसम्बर 2024 को निधन होने के कारण केंद्र सरकार ने 7 दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया था, जिसके चलते उद्घाटन से लेकर समापन तक कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं हुआ, जिस पर मोटी रकम खर्च हुई हो। एक जो बड़ा खर्च था, वो था कैटरिंग का। एक बेस्वाद और बासा खाना जिसे खाकर कईयों के पेट खराब हो गये थे। लगभग 50 लाख रुपये संकलित किये जाने के बावजूद अपेक्स बैंक मैनेजमेंट और स्पेक्ट्रम के फुकरे पदाधिकारी, खिलाड़ी बैंक कर्मचारियों के लिये कॉफी तक की व्यवस्था नहीं कर पाये थे।

सहकारी अफसरों बनायी दूरी
यदि 2023 में बीकानेर में आयोजित स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2023 से तुलना करें तो अपेक्स बैंक के बैनर तले हुए इस आयोजन को नेगेटिव मार्किंग ही दी जायेगी। प्रबंधकीय विफलता के साथ-साथ इस नेगेटिव मार्किंग का एक बड़ा कारण पब्लिक रिलेशनशिप का बेहद कमजोर होना है। पाठक और स्पेक्ट्रम की टीम सहकारी अफसरों की सहभागिता में भी विफल रही। बीकानेर और इससे भी पहले, गंगानगर में हुए स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स में राज्य भर से बड़ी संख्या में सहकारी अधिकारी टूर्नामेंट में पहुंचे थे, लेकिन नेहरू सहकार भवन, जयपुर और निकटवर्ती इलाकों में दर्जनों सहकारी अधिकारियों की पोस्टिंग होने के बावजूद, स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 में सबसे कम अधिकारियों की प्रेजेंस रही।
न स्पेक्ट्रम को परवाह, न आयोजन अध्यक्ष को
स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 के आयोजन में अब तक के अधिकतम संग्रहण और अब तक की न्यूनतम लागत के बावजूद स्पेक्ट्रम के पदाधिकारी आज तक स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 के खर्च का लेखा जोखा पेश नहीं कर पाये। अपेक्स बैंक की अपेक्षा नेहरू सहकार भवन में अपना अधिक समय बिताने वाले बैंक के प्रबंध निदेशक और स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 के आयोजन अध्यक्ष संजय पाठक द्वारा आज तक स्पेक्ट्रम के नाम पत्र लिखकर लेखा जोखा पेश करने के लिए नहीं कहा गया। हालांकि, मेजबान बैंक का प्रबंध निदेशक और आयोजन अध्यक्ष होने से लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की संजय पाठक की भी बराबर जिम्मेदारी बनती है।
इमोशनल कार्ड खेल रजिस्ट्रार से ऑर्डर निकलवाया
स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 के लिए पहली बार केंद्रीय सहकारी बैंकों से एक-एक लाख रुपये की मोटी उगाही की गयी थी। इसके लिये स्पेक्ट्रम के ढेड़ सयाने पदाधिकारियों ने सुनीता राजपाल का इस्तेमाल किया, जो रजिस्ट्रार मंजू राजपाल की सगी बहन हैं और स्पेक्ट्रम में पदाधिकारी भी हैं। इस इमोशनल कार्ड को खेलकर रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल से एक-एक लाख रुपये के योगदान का स्पेशल ऑर्डर निकलवा लिया गया। इससे पहले केंद्रीय सहकारी बैंकों से इससे एक चौथाई से भी कम रकम ली जाती थी।
मामूली लाभ में संचालित होने वाले केंद्रीय सहकारी बैंक जब स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स की मेजबानी करते हैं, तब उसे अन्य केंद्रीय सहकारी बैंक 12 से 25 हजार रुपये तक का अधिकतम सहयोग करते हैं, लेकिन जब 75 करोड़ रुपये सालाना मुनाफा कमाने वाले अपेक्स बैंक ने स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 की मेजबानी की तो उसे केंद्रीय सहकारी बैंकों से एक-एक लाख रुपया दिलाया गया। चूंकि रजिस्ट्रार ने आदेश निकाल दिया है, तो जब तक यह ऑर्डर विड्रा नहीं होता, तब तक भविष्य में होने वाले प्रत्येक स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स में केंद्रीय सहकारी बैंकों से एक-एक लाख रुपये की उगाही की जाती रहेगी।
स्मारिका कब प्रकाशित होगी
स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स के लिए आयोजन के नाम पर दो तरह की उगाही की जाती है। आयोजन में आर्थिक सहयोग के लिए एक निश्चित राशि लिये जाने के साथ-साथ हर बार स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स की एक स्मारिका का प्रकाशन किया जाता है, जिसमें विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए बैंकों से अलग से राशि ली जाती है। राज्य के सबसे बड़े सहकारी बैंक के बैनर तले आयोजित ऐतिहासिक स्पेक्ट्रम स्पोर्ट्स 2024 से सम्बंधित स्मारिका का आज तक प्रकाशन नहीं हुआ। इसे लेकर न केवल स्पेक्ट्रम के पदाधिकारियों ने, बल्कि आयोजन अध्यक्ष ने भी चुप्पी साध रखी है। खेलों के आयोजन को 6 माह का लम्बा अर्सा बीत जाने के बावजूद, स्मारिका का प्रकाशन नहीं होना और 50 लाख रुपये के लेखा जोखा सार्वजनिक नहीं होना, बड़े वित्तीय घोटाले का संदेह व्यक्त करने के लिए पर्याप्त आधार है।






