
सहकार भारत
बीकानेर, 26 अगस्त। बीकानेर संभाग का सहकारी आंदोलन एक बार पुन: सहकारी समिति के गबन-घोटाले के कारण चर्चा में है। इस बार संभाग के श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर क्षेत्र की अत्यंत नामचीन सोसाइटी पर वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगा है। चर्चित सहकार नेता लखविंद्र सिंह लखियां के नेतृत्व वाली 4 ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड, 4 ओ (लखियां) में 91 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत प्रेषित की गयी है। इस चार पेज की शिकायत में 23 दस्तावेजी साक्ष्य संलग्न कर, समिति द्वारा संचालित मिनी बैंक में 91 लाख रुपये से अधिक राशि के गबन का आरोप लगाया गया है।
समिति के अध्यक्ष लखविंद्रसिंह हैं, जो श्रीकरणपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति के भी अध्यक्ष हैं। वे इन दोनों सहकारी संस्थाओं का लगातार 20 साल से अधिक समय से नेतृत्व कर रहे हैं। लखविन्द्र सिंह ने हाल ही में सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव और रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल के विरुद्ध जोधपुर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की श्रीकरणपुर शाखा से सम्बद्ध 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा संचालित मिनी बैंक में किसानों एवं ग्रामीणों का कई करोड़ रुपये का डिपोजिट है। सोसाइटी के मिनी बैंक में पिछले कई वर्षों से वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं, जिसकी पुष्टि सहकारी समिति की पिछले 9 साल की ऑडिट रिपोर्टस से की जा सकती है।
गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारियों पर 4 ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति में संचालित मिनी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए शिकायत में बताया गया कि वित्तदाता बैंक द्व्रारा हर साल सोसाइटी और मिनी बैंक का निरीक्षण किया जाता है, लेकिन आर्थिक स्वार्थों की पूर्ति से वशीभूत होकर, बैंक के निरीक्षणकर्ता अधिकारियों/कर्मचारियों ने निरीक्षण रिपोर्ट में सोसाइटी में घटित गबन/वित्तीय अनियमितताओं का कभी उल्लेख नहीं किया। शिकायतकर्ता द्वारा सोसाइटी के लेखों का वैधानिक अंकेक्षण करने वाले सी.ए./सी.ए. फर्म ने भी अपने दायित्व का ढंग से पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड की साल 2015-16 से साल 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट का अवलोकन करने से यह स्पष्ट हो रहा है कि उपरोक्त सोसाइटी में वर्तमान में 91 लाख रुपये से अधिक राशि का गबन/वित्तीय अनियमितताएं हैं, जिन्हें साल-दर-साल सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया जा रहा है, जिसमें सोसाइटी कार्मिक, संचालक मंडल, वित्तदाता बैंक के अधिकारियों और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की प्रत्यक्ष भूमिका रही है।
साल दर साल हुई वित्तीय अनियमितताओं में बढोतरी
ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2015-16 में समिति की देनदारी और लेनदारी में 38 लाख 57 हजार 640 रुपये का ऋणात्मक अंतर था, जो वर्ष दर वर्ष बढ़ते हुए साल 2023-24 में ऋणात्मक रूप से 91 लाख 22 हजार 462 रुपये हो गया।
साल 2016-17 में 69 लाख 90 हजार 424 रुपये (ऋणात्मक), 2017-18 में 5 लाख 32 हजार 763 रुपये (धनात्मक) , 2018-19 में 79 लाख 72 हजार 642 रुपये (ऋणात्मक), 2019-20 में 1 करोड़ 16 लाख 81 हजार 657 रुपये (ऋणात्मक), 2020-21 में 83 लाख 27 हजार 443 रुपये (ऋणात्मक), 2021-22 में 1 करोड़ 13 लाख 1 हजार 127 (ऋणात्मक), 2022-23 में 1 करोड़ 30 लाख 8 हजार 403 रुपये (ऋणात्मक) और 2023-24 में 91 लाख 22 हजार 462 रुपये (ऋणात्मक) अंतर रहा है। ऋणात्मक का तात्पर्य समिति की लेनदारी कम और देनदारी अधिक है।
वर्ष 2023-24 की वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2024 को समिति द्वारा संचालित मिनी बैंक की देनदारी 3 करोड़ 78 लाख 14 हजार 799 रुपये थी, जबकि लेनदारी 2 करोड़ 86 लाख 92 हजार 337 रुपये थी।
एक साल में धनात्मक अंतर कैसे?
शिकायत में ऑडिट रिपोर्ट के हवाले से इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि वर्ष 2016-17 से लेकर 2023-24 तक समिति लगातार ऋणात्मक अंतर में रही, लेकिन वर्ष 2017-18 में समिति की लेनदारी, देनदारी से अधिक रही। शिकायतकर्ता के अनुसार, समिति द्वारा गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक में संचालित करंट एकाउंट में इस वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन, 86 लाख 15 हजार 247 रुपये का बैलेंस बताया जा रहा है, जो कि एक संदिग्ध एंट्री प्रतीत होती है। समिति ने ऋणात्मक अंतर को पाटने के लिए तत्कालिन शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से करंट एकाउंट में इस संदिग्ध राशि को दर्शाया गया है। कोई भी सहकारी समिति इतनी बड़ी रकम किसी भी सूरत में करंट एकाउंट में नहीं रखती, क्योंकि करंट एकाउंट पर ब्याज नहीं मिलता। इस संदिग्ध प्रविष्ठी की भी जांच की मांग की गयी है।
खंड के बाहर से जांच अधिकारी नियुक्त किया जाये
शिकायतकर्ता ने सोसाइटी अध्यक्ष लखविंद्र सिंह को पावरफुल सहकार नेता बताते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि 4 ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति के इस भारी वित्तीय अनियमितता वाले प्रकरण की राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम की धारा 55 के अंतर्गत जांच करवाकर, दोषियों से राशि की वसूली की जाये, जिसके लिए बीकानेर खंड के बाहर से सहकारिता सेवा के अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया जाये, तभी निष्पक्ष जांच संभव हो सकेगी।
(नोट : समाचार में प्रदर्शित चित्र प्रतीकात्मक है, जो कि सोशल मीडिया से लिया गया है।)





