
दुर्घटना बीमा में पहले से अधिक प्रीमियम दर आयी तो हाथों-हाथ दी मंजूरी, सहकार जीवन सुरक्षा बीमा में प्रीमियम दर कम आयी तो फाइल दबा कर बैठे हैं
सहकार भारत
बीकानेर, 13 जून। राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और संकल्प को गलत साबित करने में लगी है। एक ओर, भारत सरकार, सहकारिता के माध्यम से किसानों के कल्याण के लिए हर दिन नयी योजनाएं लॉन्च कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर भजनलाल सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक ही किसानों को राहत पहुुंचाने की राह में सबसे बड़ी बाधा बन गये हैं।
सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना की फाइल मई माह से गौतम दक के कार्यालय में है, लेकिन वे इसे स्वीकृति नहीं दे रहे। जबकि इस बार बीमा प्रीमियम की दर, पिछले साल की तुलना में काफी कम आयी है। इसके विपरीत राज सहकार दुर्घटना बीमा में प्रीमियम की राशि अधिक होने के बावजूद, गौतम दक उसे तुरंत मंजूरी दे चुके हैं। सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों के लिए इन दोनों योजनाओं में बीमा करवाना अनिवार्य है।
दक के नेतृत्व में सहकारिता विभाग/सहकारी बैंकों द्वारा इस साल प्रदेश के 30 लाख किसानों को सहकारी साख सुविधा से जोड़ा जाना है। राज्य सरकार की ओर से साल 2025-26 का बजट पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीयाकुमारी ने 30 लाख किसानों को ब्याजमुक्त सहकारी फसली ऋण देने की घोषणा की थी। इसके बाद, बजट सत्र के दौरान ही गौतम दक ने सदन में यह विश्वास दिलाया था कि सहकारी बैंक के ऋणी किसानों को राज सहकार दुर्घटना बीमा एवं सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना का लाभ 1 अप्रेल 2025 से मिलना आरम्भ हो जायेगा।
बीमे के लिए मार्च, 2025 में ही टेंडर फाइनल कर लिये गये थे, उसके बाद बीमे की फाइल रजिस्ट्रार कार्यालय और मंत्री के दफ्तर के बीच 50 दिन तक भटकती रही। एपेक्स बैंक और बीमा कम्पनी के बीच एमओयू सम्पन्न होने के बाद 20 मई 2025 को राज सहकार दुर्घटना बीमा योजना की क्रियान्विति हो गयी परन्तु सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना की फाइल पिछले महीने से गौतम दक ने अपने पास पटक रखी है।
दो आयु वर्ग में होता है बीमा
सूत्र बताते हैं कि सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना के लिए प्रीमियम की रेट पिछले साल की तुलना में इस साल और भी कम आयी हैं। जीवन सुरक्षा बीमा दो आयु वर्ग में होगा। पहला आयुवर्ग 18 से 60 साल और दूसरा आयुवर्ग 60 साल से अधिक से 79 साल तक। पहले आयु वर्ग के लिए स्टार यूनियन डाई-इची लाइफ इन्श्योरेंस कम्पनी ने सबसे कम 5 रुपये 29 पैसे (जीएसटी सहित) की दर अंकित है जबकि 60 साल से अधिक से 79 साल तक आयु वर्ग के लिए एसबीआई लाइफ इन्श्योरेंस कम्पनी ने सबसे कम 21 रुपये 63 पैसे (जीएसटी सहित) की दर पर बीमा करने पर सहमति दी है।
एपेक्स बैंक ने इन दरों को अनुमोदन के लिए सहकारी रजिस्ट्रार के पास भेजा। रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल ने सहमति जताते हुए सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए बीमे की फाइल सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक को भेज दी। दक का ऑफिस बीमा कम्पनियों के इंतजार में बैठा है, लेकिन आज तक कोई तिलक लगाने नहीं पहुंचा।
पिछले साल से कम रेट आने पर भी नेगोसिएशन करवायी
जब बीमा कम्पनियों से किसी ने सम्पर्क नहीं किया तो शर्मिन्दगी से बचने के लिए गौतम दक ने नेगोसिएशन के बहाने से फाइल लौटा दी। मंत्री के निर्देश पर एपेक्स बैंक ने 12 मई 2025 को दोनों कम्पनियों को नेगोसिएशन के लिए बुलाया। दोनों ने पूर्व में अंकित दर में से एक-एक पैसा की कमी करने पर सहमति दी। इसके बाद 14 मई 2025 को बीमे की फाइल अंतिम अनुमोदन के लिए एपेक्स बैंक से सहकारिता रजिस्ट्रार को भेज दी गयी। रजिस्ट्रार ने इस पर सहमति व्यक्त की और एक बार फिर यह फाइल सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए मंत्री गौतम दक के पास भेजी गयी। तब ये फाइल दक के कार्यालय में डम्प है।
जीवन बीमा सुरक्षा के बिना ही ऋण वितरण आरंभ
उधर, साल 2025-2026 के खरीफ सीजन के लिए फसली ऋण वितरण का कार्य 1 अप्रेल 2025 से आरंभ हो चुका है। किसानों को फसली ऋण देते समय बीमा प्रीमियम की राशि उन्हें दी जाने वाली राशि में से काटकर, किसान के ही बचत खाते में होल्ड कर दी जाती है। यानी एक प्रकार से, किसानों के खातों से प्रीमियम क ाट लिया गया है, लेकिन उसे बीमा कम्पनी को भेजा नहीं गया। क्योंकि बीमा कम्पनी ही फाइनल नहीं हो रही। बड़ा सवाल यह कि इस दौरान यदि किसी ऋणी किसान की मृत्यु हो जाती है, तो उसे बीमा क्लेम कौन देगा?
15 लाख से अधिक किसानों का ऋण स्वीकृत
एपेक्स बैंक के अल्पकालीन फसली ऋण वितरण पोर्टल के अनुसार, राजस्थान में 13 जून 2025 की शाम तक 39 लाख 95 हजार से अधिक किसानों ने खरीफ लोन के लिए अप्लाई किया है। इनमें से 15 लाख 56 हजार से अधिक किसानों को लोन सैंक्शन कर, डीएमआर क्रिएट कर दी गयी है। नियमानुसार, इन 15 लाख 56 हजार किसानों के खाते से बीमा की रकम काटकर, होल्ड कर दी गयी है।
अधिक दर वाली फाइल को हाथों-हाथ मंजूरी
दिलचस्प तथ्य यह है कि साल 2024-25 में राज सहकार दुर्घटना बीमा का कार्य आदित्य बिरला हेल्थ इन्श्योरेंस कम्पनी को 292 रुपये 05 पैसे (जीएसटी सहित) प्रीमियम प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष की दर पर दिया गया था। इस साल यह दर बढक़र 298 रुपये 01 पैसे हो गयी यानी पिछले साल से 5 रुपये 96 पैसे प्रति व्यक्ति अधिक रही। इस पर मंत्री ने कोई नेगोसिएशन नहीं कराया और राज सहकार दुर्घटना बीमा की फाइल को मंजूरी दे दी। यह योजना 20 मई 2025 से लागू हो गयी है। सरकार के लक्ष्य के अनुरूप 30 लाख किसानों को दुर्घटना बीमा के लिए पिछले साल की तुलना में इस साल 1 करोड़ 78 लाख 80 हजार रुपये का अधिक प्रीमियम देना पड़ेगा।
दोनों श्रेणियों में प्रीमियम की दर कम आयी है
दूसरी ओर, सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना का प्रीमियम रेट पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत कम आया है, लेकिन मंत्री गौतम दक इस फाइल को दबाकर बैठे हैं। सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना में श्रीराम लाईफ इन्श्यारेंस कम्पनी द्वारा साल 2024-25 में 18 से 60 साल आयु वर्ग के प्रीमियम का रेट 6 रुपये 99 पैसे, जीएसटी शून्य (2 लाख रुपये तक ऋण राशि) एवं 8 रुपये 25 पैसे मय जीएसटी (दो लाख से अधिक ऋण राशि) रहा जबकि इस साल स्टार यूनियन डच -इची लाइफ इन्श्योरेंस कम्पनी ने दो लाख एवं दो लाख रुपये से अधिक ऋण राशि के लिए एक समान 5 रुपये 28 पैसे प्रीमियम दर अंकित की है, जो पिछले साल से 2 रुपये 97 पैसे तक कम है। यानी 30 लाख किसानों में से यदि आधे किसान भी इस श्रेणी में आते हैं तो किसानों का कम से कम 44 लाख 55 हजार रुपये प्रीमियम के रूप में बच जायेंगे।
दूसरी श्रेणी, यानी 60 साल से 79 साल तक आयु वर्ग के लिए साल 2024-25 में श्रीराम लाईफ इन्श्योरेंस कम्पनी को 27 रुपये 68 पैसे, जीएसटी शून्य (दो लाख रुपये तक ऋण राशि) और 32 रुपये 66 पैसे, जीएसटी सहित प्रीमियम पर बीमा का कार्य इन्हीं गौतम दक द्वारा फाइनल किया गया था जबकि इस साल इस श्रेणी के लिये स्टार यूनियन डच -इची लाइफ इन्श्योरेंस कम्पनी ने 21 रुपये 62 पैसे, जीएसटी शून्य (2 लाख रुपये तक ऋण राशि) और 25 रुपये 51 पैसे (2 लाख रुपये से अधिक ऋण राशि) प्रीमियम का रेट दिया है। यह दोनों दरें पिछले साल की तुलना में क्रमश: 6 रुपये 42 पैसे प्रति व्यक्ति और 7 रुपये 15 पैसे प्रति व्यक्ति कम है।
यदि इस श्रेणी में आधे किसानों से प्रीमियम की दर की गणना करें तो पिछले साल की तुलना में इस साल किसानों को 96 लाख 30 हजार रुपये से लेकर 1 करोड़ 7 लाख रुपये तक कम प्रीमियम देना पड़ेगा। इसके बावजूद गौतम दक किसानों के बीमे की फाइल को अपने पास रखे हुये हैं। इससे उनकी नीयत पर सवाल उठने लाजिमी हैं।





