राज्य सहकारी बैंक में संजय पाठक बहा रहे उल्टी गंगा, उप रजिस्ट्रार ठोकेंगे सहायक रजिस्ट्रार को सलाम

कार की सुविधा को सही ठहराने के लिए अपने स्तर पर ही मीणा को दिया महाप्रबंधक का एडिशनल चार्ज

सहकार भारत

बीकानेर, 13 जुलाई। एक कहावत है कि एक झूठ को छुपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं। उसी तरह कई बार इंसान एक गलती को छुपाने के लिए कई गलतियां करता है। अपेक्स बैंक के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, जयपुर के प्रबंध निदेशक संजय पाठक भी इसी राह पर हैं। पाठक ने अपने अतिप्रिय मित्र ललित मीणा, सहायक रजिस्ट्रार, जो कि डेपुटेशन पर अपेक्स बैंक में डीजीएम (प्रशसनिक एवं कार्मिक अनुभाग) पद पर कार्यरत हैं, को मित्रता के नाते दी गयी चौपहिया वाहन की सुविधा को सही ठहराने के लिए मीणा को बैंक में महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है।

महाप्रबंधक (प्रशासन) का पद, 15 जनवरी 2025 से रिक्त है। इसी दिन जारी एक अन्यत्र तबादला सूची में ललित मीणा को सहायक रजिस्ट्रार, बालोतरा से अपेक्स बैंक में बतौर सहायक रजिस्ट्रार लगाया गया था। तब से 11 अगस्त 2025 तक, जब तक कि डीजीएम ललित मीणा को बैंक द्वारा कार की सुविधा दिये जाने का मुद्दा कहीं चर्चा में नहीं था, पाठक की कृपा से अपात्र होने के बावजूद मीणा बैंक की कार की सुविधा का उपभोग करते रहे।

सहकार भारत द्वारा 11 अगस्त 2025 को ललित मीणा को नियमविरूद्ध कार की सुविधा दिये जाने का समाचार प्रसारित होते ही पाठक ने, अपनी गलती को सुधारते हुए 12 अगस्त 2025 को ललित मीणा को महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने का आदेश जारी कर दिया जबकि इस पद पर अतिरिक्त कार्यभार दिये जाने का आदेश राज्य सरकार के स्तर से, सहकारिता विभाग की ओर से जारी किया जाना चाहिये था। पाठक के स्तर पर यह आदेश तब उचित एवं मान्य होता जब कि वे बैंक में कार्यरत एक अन्य महाप्रबंधक पी.के. नाग को महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार सौंप देते क्योंकि नाग बैंक के अधिकारी हैं जबकि ललित मीणा राज्य सरकार के गजटेड अफसर हैं।

अपेक्स बैंक में बहायी जा रही उल्टी गंगा

सरकार द्वारा प्रदत्त शक्तियों को अपनी ही ढंग से परिभाषित करते हुए संजय पाठक द्वारा अपेक्स बैंक में उल्टी गंगा बहायी जा रही है। बैंक में दो उप रजिस्ट्रार (राकेश शर्मा और नेतराम मीणा) की मौजूदगी के बावजूद, सहायक रजिस्ट्रार ललित मीणा को महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। केवल इसलिये कि उन्हें प्रदत्त कार की सुविधा के प्रबंध निदेशक के आदेश को सही ठहराया जा सके। बैंक में प्रबंध निदेशक के अलावा केवल महाप्रबंधक को ही कार की सुविधा दिये जाने का नियम है। हालांकि, अपेक्स बैंक के पूल में आधा दर्जन वाहन हैं, लेकिन उसे ले जाने के लिए प्रबंध निदेशक या महाप्रबंधक की स्वीकृति आवश्यक है।

साथ-साथ काम कर चुके हैं पाठक और मीणा

अब ललित मीणा चूंकि संजय पाठक के अतिप्रिय मित्र हैं और उनके साथ राजफैड सहित कुछ संस्थाओं में पहले भी साथ काम कर चुके हैं, इसलिए पाठक को लगा होगा कि मित्र को बार-बार तकाजा क्यों करना पड़े, इसलिए स्थायी रूप से कार की सुविधा दे दी गयी। मीणा को महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार दिये जाने से यह तो स्पष्ट हो गया है कि अपेक्स बैंक में अब उप रजिस्ट्रारों को भी सहायक रजिस्ट्रार के समक्ष खड़े होकर सैल्यूट ठोकना पड़ेगा।

 

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