
शिकायतों के आधार पर सीएम के होम टाउन से हटाये गये सहकारी अफसर को प्रधान कार्यालय में अनुभाग अधिकारी के पद पर लगाया
सहकार भारत
बीकानेर, 6 जून। भ्रष्टाचारियों को सरंक्षण देने के आरोपों की पोस्टर वार पर काबू पाने के बाद, सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक अब खुल कर खेलने लगे हैं। दक की अगुवाई वाले सहकारिता विभाग में एपीओ की आड़ में चुनिंदा अफसरों को पसंदीदा पद दिये जाने का खेल बेखौफ खेला जा रहा है, वो भी तब जब राज्य सरकार ने इस पर हाल ही एक परिपत्र जारी कर साफ हिदायत दी कि एपीओ की आड़ में पदस्थापन करने से बचा जाये।
सहकारिता विभाग में हाल में छह अफसरों का पदस्थापन किया गया है, जिसमें से एक अधिकारी का पदस्थापन को एपीओ किये जाने के बाद, एक ही सप्ताह में कर दिया गया। एक और अफसर को सहकारी बैंक की कमान सौंपे जाने की तैयारी है, जिसे तीन दिन पहले ही एपीओ किया गया है। ये दोनों ही अफसर सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक के विशेष कृपापात्र बताये जा रहे हैं।
राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग (अनुभाग-1) द्वारा 1 मई 2025 को एक सर्कुलर जारी कर, स्पष्ट हिदायत दी गयी थी कि एपीओ की आड़ में अफसरों का मनचाहे पद पर पदस्थापन नहीं किया जाये। इसके लिए प्रत्येक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव / प्रमुख शासन सचिव/शासन सचिव / विभागाध्यक्षों को पाबंद किया गया था कि वे परिपत्र की पालना सुनिश्चित करावें। लेकिन सहकारिता विभाग की तेजतर्रार प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल स्वयं ही इस परिपत्र की पालना नहीं कर रही। वह भी ऐसे हालात में जब वे रजिस्ट्रार होते हुए अपने समस्त माताहत अफसरों के सारे उलटे-सीधे कारमानों की डिटेल जानकारी रखती हैं।
परिपत्र जारी होने वाले सप्ताह में ही पांच एपीओ अफसरों की पोस्टिंग
इसे दुस्साहस की पराकाष्ठा ही कहा जायेगा कि मई महीने में प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग का परिपत्र आने के कुछ ही दिन बाद सहकारिता विभाग द्वारा पांच सहकारी अफसरों का पदस्थापन कर दिया गया, जो एपीओ चल रहे थे। ये हैं : – जगदीश सुथार, सुरेंद्र चौधरी, अशोकदीप, तबस्सुम कुरैशी और अल्का द्विवेदी। इसके बाद 6 जून 2025 को संयुक्त पंजीयक शिवदयाल मीणा का नेहरू सहकार भवन स्थित प्रधान कार्यालय में पदस्थापन कर दिया गया। उन्हें अंकेक्षण विभाग का अनुभाग अधिकारी बनाया गया है।
एपीओ के आठवें दिन ही पोस्टिंग मिली
शिवदयाल मीणा को केवल एक सप्ताह पहले ही एपीओ किया गया था, जब उनके खिलाफ, सीएम भजनलाल शर्मा के होमहाउन वाले भरतपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर रहते हुए गौपालन क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चहेतों को लोन की बंदरबांट करने की शिकायतें सीएम हाउस तक पहुंची थी। मीणा को एपीओ किये जान से पहले 10 सहकारी अधिकारी एपीओ चल रहे थे, लेकिन उनमें से किसी को पोस्टिंग नहीं दी गयी। इनमें एक अधिकारी तो 2024 से एपीओ चल रहा है जबकि पांच अन्य अधिकारी इस साल फरवरी माह से एपीओ हैं। शेष 4 को भी मीणा से पहले एपीओ किया गया।
एक और अधिकारी को उपकृत करने की तैयारी
एपीओ अफसरों का पिक एंड चूज की नीति से पदस्थापन किये जाने के प्रक्रिया के बीच अब चर्चा है कि गौतम दक, अपने एक और खासमखास अफसर विनोद गुप्ता को उपकृत करने की तैयारी में हैं। गुप्ता भी प्रमोटी अफसर हैं, जो सहकारी निरीक्षक से उप पंजीयक के पद तक पहुंचे हैं। दक ने सहकारिता सेवा के डायरेक्ट चुनकर आये अफसरों को साइडलाइन करते हुए, पहले ही आठ प्रमोटी अफसरों को केंद्रीय सहकारी बैंकों में एम.डी. लगा रखा है। गुप्ता को शिवदयाल मीणा के स्थान पर भरतपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में एमडी लगाये जाने की तैयारी है।
संभवत: इसीलिए 4 जून 2025 को गुप्ता को करौली से एपीओ किया गया। वे वहां उप पंजीयक के पद कार्यरत थे। हालांकि, गुप्ता को मंत्री की नाराजगी के कारण ही पांच महीने पहले कान्फेड से हटाकर करौली में लगाया गया था। गुप्ता के खिलाफ कान्फेड में एक प्रकरण की जांच चल रही है। सहकरिता रजिस्ट्रार की हैसीयत से मंजू राजपाल ही कान्फेड की प्रशासक हैं और वे ही प्रमुख शासन सचिव (सहकारिता) की हैसीयत से विनोद गुप्ता को भरतपुर बैंक में लगाये जाने की पत्रावली आगे बढा रही हैं।
प्रशासनिक सुधार विभाग का परिपत्र
राजस्थान सरकार
प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग (अनुभाग-1)
क्रमांक प.5(1)प्रसु/सम/अनु-1/2018/जयपुर/दिनांक : 01-05-2025
राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानान्तरण के संबंध में इस विभाग द्वारा जारी समस्त पूर्व परिपत्रों के अधिक्रमण में विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 04.01.2023 द्वारा दिनांक 15.01.2023 से राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जो वर्तमान में पूर्णत: प्रभावी है।
राज्य सरकार के संज्ञान में आया है कि कतिपय विभागों द्वारा प्रतिबंध अवधि में भी विभागीय स्तर पर ही स्थानान्तरण/पदस्थापन आदेश जारी किये जा रहे है, जो राज्य में सुशासन, जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता की भावना के अनुरूप नहीं है। विभागीय परिपत्र दिनांक 23.03.2022, 20.01.2023 व 03.01.2024 द्वारा स्थानान्तरण प्रतिबंध अवधि में अधिकारियों / कर्मचारियों को आदेशों की प्रतीक्षा (ए.पी.ओ.) अथवा अन्य माध्यम से इच्छित जगह रिक्त पद पर पदस्थापन आदेश जारी नहीं करने के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं।
अत: समस्त विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव / प्रमुख शासन सचिव/शासन सचिव / विभागाध्यक्षों को पुन: निर्देशित किया जाता है कि उक्त परिपत्रों अनुसार पालना सुनिश्चित करावें। -(उर्मिला राजोरिया) शासन सचिव






