क्या सहकारी बैंकों की सीधी भर्ती की ऑनलाईन परीक्षा में खेला हो गया?

प्रथम किश्त

सहकार भारत

बीकानेर, 29 जून। क्या राजस्थान के सहकारी बैंकों में 449 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अप्रेल, 2025 में आयोजित ऑनलाईन परीक्षा में बड़ा खेल हो गया है? अढाई महीने के लम्बे इंतजार के बाद जारी हुआ परीक्षा परिणाम संदेह के घेरे में है। एक परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी के बाद राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड (RCRB) जयपुर ने, आठ अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रोकने की सहमति देकर और इस सेंटर को ब्लेक लिस्टेड करने की अनुशंसा कर, स्वयं को पाक-साफ साबित करने का विफल प्रयास किया है। इस परीक्षा केंद्र पर पहले भी अंगुलिया उठायी जाती रही हैं, ऐसे में इसी सेंटर पर लगातार प्रतियोगी परिक्षाओं का आयोजन कराना आई.बी.पी.एस. की नीति और नीयत पर सवाल खड़े कर रहा है।

प्रदेश में राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के शीर्ष सहकारी बैंक, जिसे अपेक्स बैंक, जयपुर के नाम से जाना जाता है और 29 केंद्रीय सहकारी बैंकों में 1 अप्रेल 2025 को बैंकिंग असिस्टेंट पद के लिए, 5 अप्रेल 2025 को मैनेजर पद के लिए और 13 अप्रेल 2025 को प्रोग्रामर और सीनियर मैनेजर पद के लिए ऑनलाईन परीक्षा का आयोजन किया गया था। कुल 449 पदों के लिए भर्ती परीक्षा करवायी गयी। परीक्षा का जिम्मा देश की सबसे भरोसेमंद (?) संस्थान कहे जाने वाले आई.बी.पी.एस. यानी इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सेनल सेलेक्शन को सौंपा गया था।

भर्ती बोर्ड वालों के सम्पर्क में था सेंटर का एक जिम्मेदार पदाधिकारी

अतिविश्वसीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस परीक्षा में राजधानी जयपुर के एक बड़े परीक्षा केंद्र पर जमकर गड़बड़ी हुई। यहीं के आठ अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रोक गया है। सूत्र बताते हैं कि जिस शैक्षणिक संस्थान में परीक्षा केंद्र बनाया गया था, उस संस्थान में सहकारिता विभाग का ही एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी बड़े पद पर कार्यरत है। यह सहकारी अधिकारी सर्विसकाल में अपनी कार्यशैली से खूब चर्चित रहा। इसने भर्ती की विज्ञप्ति जारी होने के बाद से लेकर परीक्षा परिणाम जारी होने तक सहकारी भर्ती बोर्ड के पदाधिकारियों से बराबर मेल जोल बनाये रखा।

इसकी कॉल डिटेल ही इस बात की गवाही दे देगी कि इसने सेंटर चिन्ह्ति होने से लेकर परिणाम आने तक सहकारी भर्ती बोर्ड के किस-किस अधिकारी को कब-कब और कितनी बार कॉल किया? यदि और गहराई में जायें तो मोबाइल टावर से इसकी लोकेशन लेकर यह भी जाना जा सकता है कि यह राइसेम और नेहरू सहकार भवन में कब-कब गया? सहकारिता मंत्री की ही बिरादरी वाले इस रिटायर्ड सहकारी अफसर को राइसेम (जहां भर्ती बोर्ड का दफ्तर है) और नेहरू सहकार भवन में गलियारों में अक्सर देखा गया जबकि शेष 8 सेंटर में से एक भी जिम्मेदार व्यक्ति ने भर्ती बोर्ड वालों से मिलने का प्रयास नहीं किया। तो इसी में ऐसा क्या था जो बार-बार मिलना-मिलाना हो रहा था?

किस-किस की मिलीभगत?

अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी है कि इस गड़बड़ी में सेंटर संचालकों, सहकारिता विभाग के ड्यूटी ऑफिसरों और आई.बी.पी.एस. के पर्यवेक्षकों की कितनी मिलीभगत रही है। इस सेंटर पर 1 अप्रेल 2025 को बैंकिंग सहायक पद के लिए ऑनलाईन परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह राजधानी का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र बताया जा रहा है, हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई कि यहीं पर सबसे अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुये।

सबको सब मालूम है, लेकिन चुप्पी साध रखी

सूत्र बताते हैं कि इस सेंटर पर बैंकिंग सहायक की परीक्षा देने वाले कई अभ्यर्थियों ने उच्च अंक प्राप्त किये हैं। बताते हैं कि पिछले दिनों आई.बी.पी.एस. ने बैंकिंग सहायक का परीक्षा परिणाम रोककर, शेष परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सहकारी भर्ती बोर्ड से सम्पर्क साधा था, लेकिन भर्ती बोर्ड ने आई.बी.पी.एस. के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इससे भी भर्ती बोर्ड के अफसरों पर अंगुलियां उठ रही हैं। सूत्रों की मानें तो सेंटर पर हुई बड़ी गड़बड़ी का मामला आई.बी.पी.एस., राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड, सहकारिता मंत्री गौतम दक और सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल के संज्ञान में आ चुका था, लेकिन सबने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

सहकारी बैंकों की भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर कुछ परीक्षार्थी इस मामले को मुख्यमंत्री से लेकर हाई कोर्ट तक ले जाकर, जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करने पर विचार कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया का सहारा भी ले रहे हैं। इस परीक्षा परिणाम को संदिग्ध बताने वाले कुछ परीक्षाथियों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। (क्रमश:)

(समाचार में प्रदर्शित चित्र प्रतीकात्मक है और सोशल मीडिया से लिया गया है)

 

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