
नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की 62वीं बैठक आयोजित
जयपुर, 11 मई। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में उच्च स्तरीय समिति एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की 62वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य के सहकारी बैंकों के 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही एवं वित्तीय वर्ष के प्रमुख बैंकिंग मानकों के लक्ष्यों के विरुद्ध उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
डॉ. शर्मा ने बैठक में सहकारी बैंकिंग प्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए बैंकों को केवाईसी मानकों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट, 1956 की विभिन्न धाराओं के तहत निर्धारित वैधानिक प्रावधानों की कड़ाई से अनुपालना करने के निर्देश प्रदान किए। साथ ही, आगामी बैठकों से पूर्व कमियों को दूर कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में पाली एवं जैसलमेर केंद्रीय सहकारी बैंकों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें निर्धारित वैधानिक मानकों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। नाबार्ड निरीक्षण में कमजोर ‘सी’ एवं ‘डी’ रेटिंग प्राप्त बैंकों के सुधार हेतु टर्न अराउंड प्लान तैयार कर उसकी नियमित मासिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. शर्मा ने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित “सहकार से समृद्धि” अभियान के अंतर्गत पैक्स कम्प्यूटरीकरण एवं नए बहुउद्देशीय पैक्स गठन जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को तकनीकी रूप से सक्षम एवं आधुनिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पैक्स कंप्यूटराइजेशन परियोजना के अंतर्गत प्रथम चरण की 6,781 पैक्स का पूर्ण कंप्यूटरीकरण 30 जून तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने निर्देशित किया कि नाबार्ड से मिसिंग टूल प्राप्त होते ही 15 दिवस की अवधि में सभी गो-लाइव पैक्स को डायनामिक डे-एंड की स्थिति पर लाया जाए।
शासन सचिव ने ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान अंतर्गत बैंक मित्र बनी सभी प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों एवं पैक्स को मिलाकर लगभग 12 हजार समितियों को नाबार्ड की वित्तीय सहायता से माइक्रो एटीएम शीघ्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माइक्रो एटीएम में बैंक खाता खोले जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए ताकि ग्रामीण काश्तकारों एवं पशुपालकों को डोर स्टेप बैंकिंग सुविधा प्रदान की जा सके। साथ ही, माइक्रो एटीएम से होने वाले ट्रांजेक्शंस की नियमित समीक्षा की जाए। डॉ. शर्मा ने निर्देशित किया कि सभी केंद्रीय सहकारी बैंक अपने ग्राहकों को मोबाइल बैंकिंग सेवाएं शीघ्र उपलब्ध कराएं तथा किसानों, पशुपालकों एवं सामान्य शाखा ग्राहकों को रूपे डेबिट कार्ड मांग के अनुसार जारी करें। उन्होंने ग्राहकों को बेहतरीन बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। प्रबंध निदेशक, शीर्ष सहकारी बैंक ने अवगत कराया कि चालू वित्तीय वर्ष में 10 लाख रूपे डेबिट कार्ड वितरित किए जाने का लक्ष्य है।
बैठक में नाबार्ड की महाप्रबंधक श्रीमती उर्वशी गर्ग, निखिल कुमार तथा भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक कैलाश विश्नोई, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक, भीलवाड़ा, नागौर एवं भरतपुर केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों सहित विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।





